रक्षाबंधन 8 अगस्त को मने या 9 अगस्त को लोगों में है काफी भ्रम ¡ ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश त्रिपाठी ने दी रक्षाबंधन की सही जानकारी publicpravakta.com


रक्षाबंधन 8 अगस्त को मने या 9 अगस्त को लोगों में है काफी भ्रम ¡ ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश त्रिपाठी ने दी रक्षाबंधन की सही जानकारी


रक्षाबंधन हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे सावन महीने की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करते हुए राखी बांधती हैं। इसके बदले भाई अपनी बहन को जीवनभर सुरक्षा का वचन देता है। यही नहीं कुछ पैसे या उपहार भी उसे भेंट के रूप में देता है। रक्षाबंधन पर न केवल राखी का महत्व है बल्कि परिवार और रिश्तों में मिठास लाने के लिए दान-दक्षिणा, पूजा-पाठ जैसे पुण्य भारत में हर साल राखी के त्योहार को भव्य आयोजन के साथ मनाया जाता है। यह लोगों में सामाजिक एकता और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देता है। इस वर्ष 9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन है। इस दिन कई शुभ संयोग बने हुए हैं, जो पर्व की महत्ता को कई गुना बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि इस वर्ष राखी पर भद्रा का साया भी नहीं हैं। परंतु राहुकाल होने के कारण राखी बांधने का सही समय क्या है, यह सवाल बना हुआ है। ऐसे में आइए इस दिन के शुभ मुहूर्त और संयोग को विस्तार से जानते हैं।कार्य भी किए जाते हैं।

पंचांग के मुताबिक सावन की पूर्णिमा पर भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होगी। यह 8 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 12 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 1 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। चूंकि इस दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर होगा। इसलिए रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर भद्रा का साया मान्य नहीं होगा।


*रक्षाबंधन पर राहुकाल का समय*


 त्रिपाठी जी का कहना है कि ज्योतिषियों के मुताबिक रक्षाबंधन पर राहुकाल सुबह 9 बजकर 07 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक रहने वाला है। ऐसे में आप इस अवधि में भाई को राखी बांधने से बचें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में कोई भी नया और शुभ काम नहीं करना चाहिए। यह उचित नहीं होता है।


*रक्षाबंधन पर शुभ योग*


 श्री त्रिपाठी जी बताते हैं कि इस बार राखी पर सर्वार्थ सिद्धि योग बना हुआ है, जो सुबह 5 बजकर 47 मिनट से दोपहर 2 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा सौभाग्य योग का संयोग होने से पर्व की महत्ता अधिक बढ़ गई है। यह प्रात:काल से लेकर 10 अगस्त को तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक है। वहीं शोभन योग 10 अगस्त को तड़के 2 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक है।अमृतकाल पूरे दिन रहने वाला है। 


*रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है*


 श्री अखिलेश त्रिपाठी जी बताते हैं कि राजसूय यज्ञ के समय श्रीकृष्ण को द्रौपदी ने भी रक्षासूत्र रूप में अपने आंचल का टुकड़ा बांधा था. इसी के बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बांधने की परंपरा शुरू हो गई. लेकिन, प्राचीन काल में ब्राह्मण द्वारा अपने यजमानों को राखी बांधकर उनकी मंगलकामना की जाती है. इसके अलावा, इस दिन वेदपाठी ब्राह्मण भी यजुर्वेद का पाठ आरंभ करते हैं क्योंकि इस दिन शिक्षा का आरंभ करना अच्छा माना जाता है. 


*हर वर्ष रक्षाबंधन के दिन ही भद्रक क्यों*


 वहीं अखिलेश त्रिपाठी बताते हैं कि हर साल रक्षाबंधन पर भद्र का साया रहता है लेकिन पूरे 4 वर्ष बाद इस बार ऐसे संयोग बन रहा है कि 9 अगस्त को भद्रा का साया नहीं रहेगा. दरअसल, भद्रा का साया इस बार 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 9 अगस्त को तड़के 1 बजकर 52 मिनट पर होगा. इसके बाद ही राखी बांधी जाएगी. 


*रक्षाबंधन के दिन बने शुभ मुहूर्त एवं योग*


 ज्योतिष आचार्य श्री त्रिपाठी बताते हैं कि इस बार रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए ब्रह्म मुहूर्त मिलेगा जो सुबह 4 बजकर 22 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 02 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त मिलेगा जो दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. सौभाग्य मुहूर्त भी मिलेगा जो सुबह 4 बजकर 08 मिनट से लेकर 10 अगस्त को तड़के 2 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगा और इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग 9 अगस्त की सुबह 5 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 2 बजकर 23 मिनट तक रहेगा.

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