पत्रकारों के लिये पाँच लाख तक नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा की मांग को लेकर श्रमजीवी पत्रकार संघ ने सौंपा ज्ञापन
मंत्री द्वय और एडीएम से भेंट कर पत्रकारों के हितों के लिये उठाई आवाज
*अनूपपुर / अमरकंटक :- प्रदेश के पत्रकारों के लिये मुफ्त बीमा और चिकित्सा सेवा की मांग को लेकर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने सभी जिला मुख्यालयों मे मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के नाम कलेक्टर्स को ज्ञापन सौंपा गया है। संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया के मार्गदर्शन मे अनूपपुर जिले मे अमरकंटक मे मध्यप्रदेश शासन के मंत्रीद्वय राकेश सिंह और दिलीप अहिरवार को जिलाध्यक्ष हीरासिंह श्याम की उपस्थिति मे और अनूपपुर जिला मुख्यालय मे एडीएम दिलीप पाण्डेय को पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपा ।*
*आयुष्मान योजना मे पत्रकारों को करें शामिल--*
बुधवार की दोपहर कलेक्ट्रेट मे एडीएम दिलीप पाण्डेय को मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज द्विवेदी, वरिष्ठ संरक्षक अरविन्द बियाणी, जिलाध्यक्ष राजेश पयासी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष दुर्गा शुक्ला, पुष्पेन्द्र रजक, ज्ञान चंद्र जायसवाल, अजय जायसवाल, राजन सिंह , विजय जायसवाल, ,पुष्पराजगढ ब्लाक अध्यक्ष अरुण पाल सिंह, अनूपपुर ब्लाक अध्यक्ष अनुपम सिंह मोनू, कोतमा ब्लाक अध्यक्ष अजय ताम्रकार, जैतहरी ब्लाक अध्यक्ष परीक्षित सिंह के साथ अन्य लोगों ने तथा *अमरकंटक में लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार को यहां के वरिष्ठ पत्रकार धनंजय तिवारी उमाशंकर पांडेय ,संजय श्रीवास ,विपुल बर्मन, राजेंद्र मिश्रा* एवं अन्य लोगों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि आयुष्मान योजना मे नि:शुल्क पांच लाख तक चिकित्सा बीमा योजना मे पत्रकारों को शामिल किया जाए।
बीमा प्रीमियम और जीएसटी शून्य करने, 5 लाख तक निशुल्क बीमा योजना लागू किया जाए।
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ की अनूपपुर जिला इकाई ने बुधवार , 10 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा कर मांग की है कि प्रदेश में पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना को पांच लाख रुपये तक निशुल्क लागू किया जाए । प्रीमियम पर लगाए गए 18 प्रतिशत जीएसटी को तत्काल प्रभाव से शून्य किया जाए।
*प्रीमियम बढऩे से पत्रकारों पर आर्थिक बोझ --*
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा योजना तत्कालीन सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य पत्रकारों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल में आर्थिक सुरक्षा देना था। लेकिन हाल ही में जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञापन में बीमा प्रीमियम राशि को काफी बढ़ा दिया गया है। साथ ही उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी जोड़ दिया गया है। पत्रकारों का कहना है कि कई साथी ऐसे हैं, जिन्हें अपने संस्थान प्रबंधन से कोई आर्थिक सहयोग नहीं मिलती। जिसके चलते वे बढ़ी हुई प्रीमियम राशि वहन करने में असमर्थ हैं।
*65 वर्ष तक के पत्रकारों को भी मिले लाभ --*
श्रमजीवी पत्रकार संघ ने यह भी मांग रखी कि 65 वर्ष तक आयु वाले पत्रकारों को भी 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पत्रकारों की तरह नि:शुल्क बीमा योजना का लाभ मिलना चाहिए। संगठन का कहना है कि पत्रकार समाज का वह वर्ग है जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है, ऐसे में सरकार को उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
*आवेदन की तिथि बढ़ाने की अपील--*
ज्ञापन में आवेदन की अंतिम तिथि 22 सितंबर से बढ़ाकर 30 सितंबर 25 करने की मांग भी की गई है। पत्रकारों का कहना है कि सरकार यदि प्रीमियम और जीएसटी संबंधी निर्णय लेती है, तो उसके बाद ही संगठन को आगे की रणनीति तय करनी होगी। इसलिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाना जरूरी है।
*तीन दिन में कार्रवाई का अल्टीमेटम--*
पत्रकारों ने ज्ञापन में स्पष्ट कहा कि यदि तीन दिन में उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो श्रमजीवी पत्रकार संघ प्रदेश सरकार की बीमा योजना को अस्वीकार करने के लिए बाध्य होगा।
*मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा--*
प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने आश्वस्त किया है कि हम पत्रकारों की सभी मांगों को माननीय मुख्यमंत्री जी तक पहुंचा कर इस पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आग्रह जरुर करेंगे।

