विभिन्न मांगों को लेकर आउटसोर्स कर्मियों ने ऊर्जा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
विभागीय परीक्षा के माध्यम से नवीन स्वीकृत पदों मे आउटसोर्स के भर्ती की मांग
अनूपपुर :- नवीन भर्ती प्रक्रिया में बिजली आउटसोर्स कर्मियों को विभाग में समायोजन के साथ अन्य मांगों व समस्याओं के निराकरण के संबंध में भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध मध्य प्रदेश बाह्य स्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन के जिला इकाई अनूपपुर ने 16 सितंबर मंगलवार को विद्युत विभाग के वृत्त कार्यालय पहुंचकर ऊर्जा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मे लेख किया गया कि वर्तमान में ऊर्जा विभाग द्वारा 49263 नवीन पद स्वीकृत किए गए है। ऊर्जा विभाग में काम करने वाले समस्त ऑउटसोर्स कर्मचारी स्किल्ड कर्मचारी हैं इन कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा के माध्यम से विभाग में समायोजित कर (आउटसोर्स कर्मियों को 60 वर्ष तक सेवा करने का सम्मान प्रदान किया जाये) शेष पदों पर बाद में भर्ती की जाए। इससे बिजली कंपनी को योग्य और अनुभवी कर्मचारी मिल सकेंगे। ज्ञापन के दौरान जिले भर आउटसोर्स कर्मी जिला मुख्यालय मे एकत्रित हुये।
शासन से यह चाह रहे कर्मचारी
आउटसोर्स कर्मचारियों ने मांग की है कि करीब 50 हजार रिक्त पदों को मौजूदा एवं सेवा से पृथक अनुभवी आउटसोर्स कर्मियों की विभागीय परीक्षा लेकर उसी प्रकार भरा जाए जैसे ठेका प्रथा लागू होने से पहले पिछले 50 सालों में बिजली डेली वेजेस मस्टर कर्मियों को कच्चे से पक्का किया जाता रहा। इस 50 हजार की भर्ती के बाद भविष्य में होने वाली सीधी भर्ती में अतिथि शिक्षकों की तर्ज पर 50 प्रतिशत पद ऊर्जा विभाग राजपत्र के जरिए बिजली आउटसोर्स कर्मियों को आरक्षित करे व छोटे पद बना कर रेगुलर करें। तमिलनाडु की तर्ज पर मप्र में मुख्य कार्य सीधी भर्ती से कराएं। मप्र के राज्यपाल के हस्ताक्षर होने के बाद राजपत्र क्रमांक 494 दिसम्बर 2020 के मुताबिक बोनस 8.33 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया उसे उसी तिथि से लागू कर 57 माह की 11.67 प्रतिशत की दर से बोनस एरियर राशि हर ठेका श्रमिक को दी जाए, केंद्र सरकार के आउटसोर्स कर्मियों के बराबर मप्र के आउटसोर्स को न्यूनतम वेतन दें, पिछले 20 सालों के दौरान म. प्र. में मिनिमम वेजेस 5 साल की जगह हर बार 9 साल में रिवाइज हुआ, इस घाटे की भरपाई एडिशनल वेजेस देकर की जाए। भाजपा विधानसभा चुनावी संकल्प पत्र के पृष्ठ 81 पर अमल कर आउटसोर्स को संविदा का दर्जा व संविदा समान सुविधा दें। मप्र में ठेकेदारी कल्चर समाप्त कर आउटसोर्स रिफॉर्म नीति बनाई जाए, बिजली कंपनी का निजीकरण नहीं किया जाए। ठेकेदार व बिचौलियों को हटाकर हरियाणा, आंध्र प्रदेश व उप्र राज्य की तर्ज पर मप्र आउटसोर्स सेवा निगम बनाए, 5 वर्ष से अधिक अनुभवी आउटसोर्स कर्मियों को उड़ीसा राज्य की तर्ज पर एक हजार रुपए अतिरिक्त पारिश्रमिक भत्ता दें। कम्प्यूटर व सब स्टेशन संयंत्र ऑपरेटर को कुशल की जगह उच्च कुशल श्रेणी का वेतन दिया जाए, रात्रि पाली में काम करने पर रात्रि भत्ता दें, 10 प्रतिशत आउटसोर्स हेल्पर की जगह सभी आउटसोर्स लाइन हेल्पर , विद्युत सहायक, संयंत्र व सब स्टेशन ऑपरेटरों को जोखिम भत्ता दें। वर्ष 2006 में ठेका प्रथा प्रारंभ होने से लेकर अब तक विद्युत दुर्घटना में मरे व विकलांग ठेका श्रमिकों के परिजनों को बिना शर्त मुआवजा दें एवं मौजूदा मुआवजा राशि 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए की जाए एवं विद्युत दुर्घटना मृतक के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाये।


