शिकारियों ने शिकार के लिए जंगल में बिछाया जाल, तीन आरोपी गिरफ्तार,भेजे गए जेल
शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर :- वन परिक्षेत्र जैतहरी के गोबरी बीट अंतर्गत जंगल में रात के समय शिकार के उद्देश्य से जीआई तार से खूटी को जंगल में गाड़ कर बिछाए गए जाल की सूचना पर वनविभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से शिकार करने के लिए उपयोग मे लिए जाने वाले सामग्रियों को जप्त करते हुए न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा है प्रकरण में अन्य आरोपी फरार बताए गए हैं।
घटना के संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा ने बताया कि एक सितंबर की रात मुखबिर में सूचना मिली कि गोबरी बीट के गोबरार नाला के पास कक्ष क्रमांक आर,एफ 303 में शिकारियों द्वारा जैतहरी से गोबरी होकर अन्य ग्रामीण अंचलों में जाने वाली बड़ी विद्युत लाईन के समीप जंगली जानवरों के शिकार करने के उद्देश्य शिकारियों द्वारा जीआई तार में बांस की खूटी में रबड़ बांधकर जंगल में जमीन में जाल लगाया है की सूचना परिक्षेत्र सहायक जैतहरी पूरन सिंह मरावी,गोबरी बीट के वनरक्षक कुंदन शर्मा,राकेश प्रसाद शुक्ला अन्य सहयोगियों के साथ स्थल पर पहुंचकर बांस की ढगनी,जीआई तार में बांस की खूंटी जिसमे रबड़ लगा जमीन में गढ़ा फैलाया हुआ को बरामद कर आरोपियों की तलाश की गई इस दौरान शहडोल के डांग एस्कॉर्ट जिनी से डांग हैंडलर राजकमल पयासी द्वारा परीक्षण किए जाने पर ग्राम झाईताल थाना जैतहरी के गुलाब पिता दादूराम सिंह 41 वर्ष,अर्जुन पिता कम्मू चौधरी 30 वर्ष के घर से शिकार के लिए उपयोग किए जाने वाली सामग्री बरामद किया गया।
दोनों के साथ में मंगल पिता रामलाल अगरिया 41 वर्ष के अन्य कुछ लोगों के साथ गोबरी के गोबरार नाला के समीप जंगल में शिकार के लिए लगाया गया रहा तीनों आरोपियों को सामग्री सहित अभिरक्षा में लेते हुए वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओ के तहत कार्यवाही कर अनूपपुर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया तीनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर बुधवार की रात जिला जेल भेजा गया शिकार के प्रयास में संलिप्त अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा के साथ परि,सहायक जैतहरी पूरन सिंह मरावी,डांग एस्कॉर्ट जिनी के साथ डांग हैंडलर राजकमल पयासी,वनरक्षक कुंदन शर्मा,राकेश प्रसाद शुक्ला,कोमल सिंह,रामनिवास बैगा एवं सत्येंद्र मिश्रा की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

