नौ दिनों से अनूपपुर जिले में विचरण कर रहा हाथी,ग्रामीण भयभीत publicpravakta.com


नौ दिनों से अनूपपुर जिले में विचरण कर रहा हाथी,ग्रामीण भयभीत


शशिधर अग्रवाल


अनूपपुर :-  दो दांत वाला एक नर हाथ नौवे दिन अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम इलाके के ग्रामीण अंचलो में निरंतर विचरण कर रहा है यह हाथी शुक्रवार को राजेंद्रग्राम के तुलरा बीट के जंगल से शनिवार की सुबह वन परिक्षेत्र अहिरगवा के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है हाथी के द्वारा तीन दिनों के मध्य कई ग्रामों के ग्रामीणो के घरों में तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे सामानो के साथ खेत एवं बाडियों में लगे विभिन्न तरह के अनाज को अपना आहार बनाया  है वनविभाग का गस्ती दल इस हाथी के विचरण पर निरंतर निगरानी रखते हुए बचाव के लिए ग्रामीणों को विभिन्न तरह की समझाइए दी।


विदित है कि 22 अगस्त को एक दो दांत वाला नर हाथी एक बार फिर से छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही इलाके से अनूपपुर जिले में प्रवेश कर आज नौ वें दिन निरंतर विचरण कर रहा है यह हाथी गुरुवार को राजेंद्रग्राम वन परिक्षेत्र अंतर्गत बेनीवारी बीट ग्राम पंचायत पडरीखार के जंगल में दिन में विश्राम करने बाद देर शाम एवं रात को टिहुनापानी निवासी भान सिंह पिता सुंदर सिंह क्यौटार गांव के धनीराम सिंह एवं दांलचंद पिता धनीराम साहू का घर तोड़कर घर के अन्दर रखे सामग्री को अपना आहार बनाते हुए शुक्रवार की सुबह ग्राम कुसेरा एवं करनपठार  से करनपठार गांव से लगे अतरिया एवं बघाड़ी के बीच बीट तुलरा के राजस्व के जंगल में दिन में ठहरने बाद देर शाम एवं रात को करनपठार गांव की बेलाटोला निवासी शुक्लू पिता कातूराम बैगा नगमला के नयाटोला निवासी शंकर पिता कोसी परस्ते के घर में तोड़फोड कर कई ग्रामीणो के खेत तथा बॉडी में लगे विभिन्न प्रकार की फसलों अनाजों को अपना आहार बनाते हुए ग्राम पंचायत चरकूमर से नगमला,बगदरा होकर जोहिला नदी पार कर शनीवार की सुबह वन परिक्षेत्र अहिरगवा की सीमा ग्राम पंचायत सरई एवं खमरौध के बीच कातुनदोना,तरंग में स्थित लेन्टना एवं गढार में पहुंचकर विश्राम कर रहा है हाथी के निरंतर विचरण पर वनविभाग का गश्ती दल हाथी के निगरानी के साथ ग्रामीणों को विभिन्न तरह की समझाईस देकर सतर्क एवं सावधान रहने की बात की है वही वन एवं राजस्व विभाग द्वारा इस हाथी के द्वारा किए जा रहे ग्रामीण जनों की घरों तथा फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण कर प्रकरण तैयार कर रहा है वही हाथी के निरंतर वितरण से ग्रामीण जन परेशान एवं भयभीत हैं जो हाथी के आने तथा आने की संभावना पर रात-रात भर जगा कर अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा कर रहे हैं यह हाथी पूर्व में अपने तीन अन्य साथियों के साथ विचरण किया स्थलों रास्ता से ही आगे की ओर बढ़ रहा है इसका दूसरा एक दांत वाला हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही इलाके में कई दिनों से डेरा जमाए हुए हैं जबकि दो अन्य हाथी कटघोरा वन मंडल में स्थित 50 से अधिक हाथियों के समूह में मिलकर विचरण कर रहे है।


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