ठगों के आगे जैतहरी पुलिस हुई नतमस्तक माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एंव ठगों के खिलाफ शिकायत होने के बावजूद नहीं की जा रही कार्यवाही ? publicpravakta.com

 


ठगों के आगे जैतहरी पुलिस हुई नतमस्तक 

माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एंव ठगों के खिलाफ शिकायत होने के बावजूद नहीं की जा रही कार्यवाही ?


अनूपपुर :- जिला एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रो के नाम से जाना जाता है जहां पर अभी भी लोग मानसिक रूप से विकसित नहीं हुए हैं ,अनूपपुर जिले के क्षेत्रो पर माइक्रो कंपनियों का आना और ठगों के साथ सांठगांठ करके गरीबों को अपने सुनहरे विकाश के मायाजाल में फंसाकर लूट मचा रखें है ,लोन लेने के लिए लोगों के चप्पल टूट जाते हैं ,लेकिन माइक्रो फाइनेंस कंपनियां जिस तरह से लोन बांट रही है ,जैसे कि भंडारों  में  प्रसाद बांटा जाता है ,  इन माइक्रो फाइनेंस के सहारे कितने ही ठगों ने क्षेत्रो पर ठगी का शिकार बनाया है ,जिसका खमियाजा अनपढ़ और कम पढ़ी लिखी महिलाएं भुगत रही है ,   जरूरत मंद और बेबस ग्रामीण अपने महत्वाकांक्षी इच्छाओं को  पूरी करने के चक्कर  में बुरी तरह से फंसती जा रही है ,

श्रेत्रीय ठगों ने ऐसा साठ गांठ बनाया है या कहें कि गठबंधन धर्म अभी तक आपने  राजनीतिक पार्टियों में सुना होगा या देखा होगा।।।

हम आपको जैतहरी जनपद ले चलते हैं जहां पर इन माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के साथ ठगों ने मिलकर , पहले 

ऐसी महिलाओं को अपना शिकार बनाया जो करीबी हो या फिर बहुत जल्दी विश्वास पर आ जाए ,मेहनत हुई सफल ,फिर एक एक करके एक ही परिवार से जुडे लोगों ने ठगी को अंजाम देने में अहम किरदार निभाया ,माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने एक माया नाम की  महिला को बनाया अपना भरोसे मंद ग्राहक ,एक ऐसा भरोसे मंद जिसके नाम पर लोन दे दिया जाता था  अगर माया राठौर ने कहा दिया की सब ठीक है इनका लेन देन सब ठीक है तो सब ठीक है पूरी प्रक्रिया माया और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां अपने हिसाब से पूरी करते थे ,ग्रामीण महिलाए तो बस अंगूठा लगा देती थी जो नहीं पढ़ी लिखी रहती थी बाकी जो पढ़ी लिखी रहती थी थोड़ी बहुत ,वो भी ध्यान नहीं देती थी क्योंकि  चोई निवासी माया राठौर के ऊपर सब महिलाएं ऐसा भरोसा करती थी जैसा कि भक्त और भगवान या फिर दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है माया का मायाजाल ,पर सूत्रों के हवाले से भी एक ऐसी जानकारी निकाल कर आयी है ,जहां पर इस ठगो के बीच में बहुत से किरदारों का भूमिका है ।

आखिर पुलिस प्रशासन के पास जब माइक्रोफाइनेंस कंपनियों एंव ठगों के खिलाफ जब शिकायत हो चुकी है तो फिर क्यों नहीं की जा रही कार्यवाही या फिर कहीं  पुलिस प्रशासन की संरक्षण  तो प्राप्त नहीं है इन ठगों को ,क्योंकि ठगों का राज करना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है ,और अगर  पुलिस ने  ,संरक्षण ने नहीं दिया है तो कौन बचा रहा है माया राठौर और दिनेश राठौर को ,या फिर सांस और दामाद की जोड़ी ठगो के रूप नया इतिहास लिखेगी ,लेकिन पुलिस के साथ आंख मिचौली, या फिर जनता को मूर्ख बनाने के लिए कहीं जैतहरी पुलिस चोर पुलिस का खेल तो नहीं खेल रही है

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